• Roll over image to zoom in

Doga Digest 01

Availability:Out Of Stock

Rs. 75

कर्फ्यू:- पुलिस चम्बल के खूंखार दस्यु हलकान सिंह के पीछे लगी थी। उसका बचना मुश्किल था। ऐसे में उसे कूड़े के ढेर पर पड़ा मिला एक बच्चा जो उसका नसीब बन गया। उस बच्चे को अपनी ढाल बना कर हलकान सिंह पुलिस के चुंगुल से निकल गया।उस अनाथ बच्चे ने हलकान सिंह के अड्डे पर इतनी दरिंदगी देखी कि उसे अपराध से नफरत हो गई। वक्त बीतने के साथ ही हलकान सिंह मुंबई आ गया। मुंबई में भी उसके अपराध जारी रहे लेकिन एक नए नाम एक नए रूप में। मुंबई में वो बन बैठा था मंत्री हलकट सिंह।तभी किसी अज्ञात जुनूनी ने मंत्री हलकट सिंह की मौत का ऐलान कर दिया। मंत्री की सुरक्षा के लिये लगा दिया गया कर्फ्यू। मगर कुत्ते सी उस सूरत के मालिक को किसी कर्फ्यू का खौफ नहीं था। वो तो उस कर्फ्यू को तोड़ने का प्रण कर चुका था। तो क्या वो ऐसा कर सका? आखिर कौन था वो कुत्ते सी सूरत वाला जुनूनी? ये है डोगा:- डोगा की कहानी कौन नहीं जानना चाहेगा? डोगा कैसे बना ये बता रहें है अदरक चाचा। डाकू हलकान सिंह के साथी पकड़कर लाए एक मासूम लड़की सोनिया को। जिसे हलकान सिंह के पाले उस अनाथ कुत्ते के पिल्ले ने भागा दिया। तब उस अनाथ को सोनिया ने नाम दिया सूरज लेकिन हलकान सिंह से बच कर भागते समय सोनिया सूरज की नजरों के सामने ही नदी में डूब गई। नन्हे सूरज की आंखों में खून उतर आया। वो पुलिस बुला लाया। लेकिन पुलिस से बच निकला हलकान सिंह। मन में बदले की आग लिये सूरज मुम्बई आ गया। मुंबई में कैसे भरा उसने अपने जिस्म में फौलाद? कैसे बना वो अनाथ लड़का डोगा? मैं हूँ डोगा:- किलर्स गैंग उर्फ किलोटा के लड़ाकों ने लॉयन जिम तबाह कर डाला था। अदरक चाचा को घायल कर दिया था। डोगा तड़प उठा उन्हें सजा देने को। डोगा के जबड़े कस चुके थे। मुम्बई में अपराघ के किसी भी रूप को बर्दाशत नहीं करने वाला था डोगा।

Author Sanjay Gupta
Colors Various
Artist Manu
Language Hindi
Binding Paperback
Pages 96 Pages

Write a review

Note: HTML is not translated!
    Bad           Good